जिन्दगी कुछ और वक्त दे मुझे ,
बिखरे पडे है पल कुछ अफसानों के मेरे उन पलो को जी कर समेटने दे मुझे ।
सदियॉ जी जाऊ ये चाहत नही मेरी ,
हथेली मे गिन सकू, उन पलों को सदीया बनाने दे मुझे ।
खाली पडे हे अंश जीवन के मेरे ,
प्यार की स्याही से उन्हे कलमबधं कर देने दे मुझे ।
जिन्दगी कुछ और वक्त दे मुझे ........
कहकहो मे उलझा रहा में अब तक
अफसानो के नगर मे एक सफर कर देने दे मुझे ।
उम्र से पहले ही , कुछ मोडो से गुजर गया था मैं
जिन्दगी मेरी साथी बन उन मोडो का फिर दीदार करा दे मुझे ।
बिखरे पडे है पल कुछ अफसानों के मेरे उन पलो को जी कर समेटने दे मुझे ।
सदियॉ जी जाऊ ये चाहत नही मेरी ,
हथेली मे गिन सकू, उन पलों को सदीया बनाने दे मुझे ।
खाली पडे हे अंश जीवन के मेरे ,
प्यार की स्याही से उन्हे कलमबधं कर देने दे मुझे ।
जिन्दगी कुछ और वक्त दे मुझे ........
कहकहो मे उलझा रहा में अब तक
अफसानो के नगर मे एक सफर कर देने दे मुझे ।
उम्र से पहले ही , कुछ मोडो से गुजर गया था मैं
जिन्दगी मेरी साथी बन उन मोडो का फिर दीदार करा दे मुझे ।
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